आपने विदेश में काम करने का झांसा देकर कई लोगों को फंसाने की एक कहानी सुनी होगी बिहार के समस्तीपुर जिले में ऐसी ही एक कहानी सामने आई है यहां के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरथपुर गांव में रहने वाले 28 वर्षीय मोहम्मद उजाले का परिवार बहुत दुखी है। और दुबई की जेल में प्रकाश को मुक्त करने का आह्वान कर रहे हैं। उसकी परिवारजनों का कहना है कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है। आइए पूरा मामला जानें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहम्मद उजाले पिछले आठ महीनों से दुबई की फुजैरा जेल में बंद है। पड़ोसी बताते हैं कि उजाला 2024 में कुछ लोगों के झांसे में आकर दुबई गया। उनका कहना था कि मुजफ्फरपुर के एक एजेंट ने उसे दिल्ली भेजा और 9 नवंबर 2024 को दुबई भेजा गया। रिश्तेदारों ने बताया कि उजाला को नौकरी की पेशकश करके दुबई भेजा गया था। उसके साथ कई बड़े-बड़े वादे किए गए। उन्हें बताया कि वहाँ पहुंचने के बाद उसे न तो कोई पक्की नौकरी मिली और न ही उसे किए गए वादे पूरे किए गए।
परिजनों ने बताया कि दुबई में उजाले से जबरन काम किया गया था करीब पांच या छह महीने बाद 14 अगस्त 2025 को अबू धाबी पुलिस ने उसे ड्रग सप्लाई के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। 8 अक्टूबर 2025 को लगभग दो महीने तक पुलिस हिरासत में रहने के बाद उसे फुजैरा जेल भेजा गया जहां वह अभी भी है। उजाले का परिवार कहता है कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार से मोबाइल पर लगातार संपर्क कर रहा है और उनसे रिहाई की गुहार लगा रहा है।
उजाले की मां रिजवाना और पत्नी रोजी प्रवीण ने इस बीच समस्तीपुर के पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन से मुलाकात कर मदद की अपील की। बातचीत के दौरान मित्र भावुक हो गए। उसकी माँ ने पूर्व विधायक के पैर पकड़कर उनसे अपने बेटे को रिहा करने के लिए सब कुछ करने की मांग की। गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक ने परिवार को आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक कागजात जुटाए जाएंगे ताकि यह मामला भारत सरकार और संबंधित एंबेसी तक पहुंचे।
अख्तरुल इस्लाम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उजाले की रिहाई के लिए जरूरत पड़ी तो देश-विदेश के संबंधित मंत्रालयों और दूतावासों से संपर्क किया जाएगा। रिश्तेदारों का कहना है कि परिवार की आर्थिक हालत लगातार खराब हो रही है। स्थायी घर चलाने का कोई साधन नहीं है। उनका कहना है कि प्रकाश का बड़ा भाई मजदूरी कर किसी तरह परिवार चलाता है। सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा पूरा परिवार अपने बेटे की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










