बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की महत्वाकांक्षी योजना पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कॉलेज में दाखिला लेने के बाद छात्रों को इस योजना से आर्थिक सहायता मिलती है लेकिन इसमें घोटाले और अनियमितता की शिकायतें लगातार होती थीं। अमर उजाला द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद सरकार ने कुछ किया है।
वैशाली जिले के एक ही ग्रुप के तीन कॉलेजों इंदु देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज और श्री उमेश मिश्रा रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज में नए विद्यार्थियों को शुल्क नहीं देना होगा। इन संस्थानों में नए नामांकित विद्यार्थियों को बिहार सरकार से मिलने वाले चार लाख रुपये अब नहीं मिलेंगे। इस संबंध में विभाग ने भी पत्र जारी किया है।
बताया जा रहा है कि 13 कॉलेजों पर पूरे बिहार में यह कार्रवाई की गई है। नीरज कुमार जदयू एमएलसी ने पहले भी इन कॉलेजों में गड़बड़ी की शिकायत की थी। बाद में वैशाली जिलाधिकारी के निर्देश पर डीडीसी के नेतृत्व में एक जांच कमेटी बनाई गई जो कई अनियमितताओं का पता लगाया। जिला प्रशासन ने इसके बाद विभाग को रिपोर्ट भेजी।
विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सत्र 2025–26 में निर्धारित सीट आवंटन से अधिक बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी किए गए और संस्थानों से कारण पृच्छा का संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके परिणामस्वरूप नामांकन प्रक्रिया संदेहास्पद लगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन संस्थानों द्वारा अत्यधिक बोनाफाइड जारी किए गए हैं और एमएनएसएसबीवाई पोर्टल पर सही तरीके से फ्री नहीं किए गए हैं उन संस्थानों के नए आवेदनों के भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी जाएगी। हालाँकि जिन विद्यार्थियों को पहले से ही एक बार भुगतान किया गया है उनका भुगतान अगली बार भी किया जाएगा।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










