बातचीत सहयोगी सीतामढ़ी नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के पिछले कदमों और फैसलों को तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु श्रीरामभद्राचार्य जी महाराज ने भारत के खिलाफ बताया है। उनका कहना था कि बालेन शाह की कार्यशैली भारत नेपाल के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों से विपरीत है
रविवार की सुबह श्रीरामभद्राचार्य जी ने जानकी नवमी के अवसर पर मां जानकी की जन्मभूमि पुनौराधाम में श्री रामकथा को सुनने के लिए नेपाल के जनकपुरधाम में राम जानकी मंदिर में दर्शन पूजन कियाइस दौरान उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह पर भारत विरोधी सोच का आरोप लगाया है
श्री रामभद्राचार्य ने नेपाल के कठोर सीमा प्रबंधन पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच सदियों से चले आ रहे बेटी रोटी के संबंध प्रभावित हो रहे हैंभारत और नेपाल के धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को प्रशासनिक कठोरता से कमजोर नहीं किया जाना चाहिए
कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों से प्रतीत होता है कि वे भारत को सकारात्मक रूप से देख रहे हैं जो दोनों देशों के हित में नहीं है
साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बनाए रखनी चाहिए श्रीरामभद्राचार्य जी महाराज ने बिहार के सीमावर्ती जिलों खासकर सीतामढ़ी मधुबनी पूर्वी चम्पारण पश्चिमी चम्पारण दरभंगा और सुपौल के लोगों पर नेपाल की नई नीतियों का असर बताया
इन क्षेत्रों के लोगों को नेपाल से लंबे समय से पारिवारिक व्यापारिक और धार्मिक संबंध हैं। स्थानीय व्यापार छोटे कारोबारियों और आम लोगों को सीमा पार आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैउनका कहना था कि मिथिलांचल के हजारों परिवारों के रिश्ते नेपाल से जुड़े हैं और शादी विवाह धार्मिक उत्सवों और सामान्य जीवन में दोनों देशों के बीच निरंतर संपर्क है
ऐसे में सीमा प्रबंधन की कठोरता से सामाजिक संबंध भी प्रभावित होते हैं। रामभद्राचार्य ने दोनों देशों की सरकारों से कहा कि वे समस्याओं को आपसी बातचीत के माध्यम से हल करें और लोगों की भावनाओं का सम्मान करें
उन्हें यह भी कहा कि भारत और नेपाल के संबंध सांस्कृतिक आध्यात्मिक और कूटनीतिक नहीं हैं दोनों देशों में भगवान राम और माता सीता से जुड़े धार्मिक स्थान हैं। ऐसे में दोनों देशों को आपसी सहयोग और समन्वय को प्राथमिकता देनी चाहिए
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










