नासिक महाराष्ट्र की TCS कंपनी में धर्मांतरण और महिला कर्मचारियों के यौन शोषण के मामले की जांच की जा रही है जांच में कई चौंकाने वाले निष्कर्ष निकले हैं यहां पर काम करने वाली एक युवती ने अपने पिता को कैंसर से बचाने के लिए कॉर्पोरेट हिंसा का सामना किया।पीड़िता ने पिता की कीमोथेरेपी के लिए दवाइयों और धन की आवश्यकता के कारण मानसिक उत्पीड़न और अपमान सहन किया। दूसरी पीड़िता परिवार के लिए जिम्मेदार होने के कारण नौकरी के नाम पर धर्मांतरण के छिपे एजेंडे का शिकार हुई
कैंसर के कारण पिता बिस्तर पर थे और घर में खाना नहीं था। पीड़िता परिवार को खिलाने के लिए सब कुछ झेलती रही। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी पीड़िताओं को देखा। कल टीम ने TCS कंपनी जाकर लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। पुरुष और महिला कर्मचारियों के बैठने काम के विभाग कैंटीन और वेटिंग रूम की देखभाल की गई। महिला आयोग आज लगातार तीसरे दिन मामले की जांच करेगा
TCS नासिक धर्मांतरण मामला बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब तक कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। मुख्य आरोपी निदा खान अभी भी फरार है और उसे पकड़ने की कोशिश जारी है। आज उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है जिसमें उसकी गर्भावस्था को राहत का आधार बताया गया है। केंद्रीय एजेंसियां भी इसमें शामिल हैं
राष्ट्रीय महिला आयोग ने ऑफिस में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए एक टीम नासिक भेजी है। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और महाराष्ट्र पुलिस को नोटिस भेजा है जिसमें इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट की मांग की गई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि पीड़ितों को सोशल मीडिया पर परेशान और पीछा किया गया डिजिटल सबूत इस जांच में महत्वपूर्ण हैं
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










