Falsified Bomb Threat E-mails: भारत भर में सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अदालतों को फर्जी बम धमकी ईमेल भेजकर दहशत फैलाने वाले मैसूर निवासी श्रीनिवास लुइस के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की जांच से पता चला कि वह भारत में ही नहीं बल्कि विश्व भर में ऐसी हरकतों को अंजाम दे चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने पाकिस्तान के स्कूलों, कॉलेजों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों को भी फर्जी बम धमकी ईमेल भेजे थे
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए डार्क वेब और वीपीएन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करता था. वह अपने आईपी एड्रेस को छुपाकर पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश करता था. पाकिस्तान के प्रमुख स्थानों की जानकारी जुटाने के लिए वह गूगल मैप का सहारा लेता था और वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के जरिए कॉल भी करता था. आरोपी ने करीब 50 से अधिक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर इन धमकियों को अंजाम दिया
27 मार्च को दिल्ली पुलिस ने मैसूर से श्रीनिवास लुइस को गिरफ्तार कर लिया। उसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई सिम कार्ड मिले हैं। इन सभी डिजिटल डिवाइस को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है, जहां से अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. आरोपी कन्नड़ और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में धमकी भरे ईमेल भेजता था
दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके पीछे कोई संगठित गिरोह या नेटवर्क काम कर रहा था या फिर वह अकेले ही इस तरह की शरारतें कर रहा था. पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है
श्रीनिवास लुइस मैसूर के बृंदावन क्षेत्र में रहता है। वह यहीं रहकर फर्जी बम धमकी संदेश भेजता था। फिलहाल, जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










