ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत पहुंचा LPG जहाज ऊर्जा संकट में मिली राहत

ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत पहुंचा LPG जहाज ऊर्जा संकट में मिली राहत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ईरान और इजराइल-अमेरिका की जंग ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा किया लेकिन भारत को हाल ही में हुए अस्थाई सीजफायर की वजह से रुकी लड़ाई के बीच एक अच्छी खबर मिली है। गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी ने घोषणा की कि भारत का झंडा लगा एक जहाज, जो 15,400 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आया था। यह जहाज सफलतापूर्वक वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करके यहां पहुंचा है

JNPA ने इस घटनाक्रम को ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रहे युद्ध के माहौल के बीच एक बड़ी उपलब्धि बताया है. JNPA ने आज गर्व से “ग्रीन आशा” का स्वागत किया, एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा। यह भारत का झंडा लगा एक LPG जहाज है, जिसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार किया है. अब यह JNPA के लिक्विड बर्थ पर लंगर डाल चुका है. इस बर्थ को BPCL-IOCL के द्वारा ऑपरेट किया जाता है

ग्रीन आशा जहाज का मालिक और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं इसके आने से समुद्री व्यापार की वह क्षमता सामने आती है। इसमें कहा गया है कि इसके तहत वे मुश्किल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी काम करते हुए देश को जरूरी LPG की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं. अधिकारियों ने बताया कि नवी मुंबई में स्थित ये जगह भारत के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है. इसे JNPT और न्हावा शेवा बंदरगाह के नाम से भी जाना जाता हैयहां कंटेनर और लिक्विड कार्गो का उत्पादन किया जाता है। यह देश की ऊर्जा आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने होर्मुज स्ट्रेट की ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाला है

Neha Mishra
Author: Neha Mishra

नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।

Leave a Comment

और पढ़ें

[the_ad id='305']