डीजीपी राजीव कृष्ण की हाई लेवल बैठक में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई के निर्देश

डीजीपी राजीव कृष्ण की हाई लेवल बैठक में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई के निर्देश

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उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय में प्रदेश के समस्त जोनल एडीजी/पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय आईजी/डीआईजी और वरिष्ठ एसपी/एसपी (प्रभारी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की. बैठक में आगामी त्योहारों की सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं पर रोक, जन शिकायत निस्तारण, मीडिया समन्वय और आधुनिक योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए

जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना पर बैठक में सबसे अधिक चर्चा हुई। 1 जनवरी 2026 से प्रदेश के 7 पुलिस कमिश्नरेट और 68 जनपदों के 487 सबसे ज्यादा दुर्घटना प्रभावित थानों में शुरू की गई इस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. लेकिन समीक्षा में पाया गया कि 46 थानों में दुर्घटनाएं बढ़ी हैं और 6 थानों में अत्यधिक वृद्धि हुई है. DGP राजीव कृष्ण ने इन 6 थानों के थानाध्यक्षों को तुरंत लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए

दीपक कुमार, थाना प्रभारी चोलापुर, कमिश्नर वाराणसी जितेंद्र सिंह, थाना प्रभारी कैम्पियरगंज, गोरखपुर विष्णुकांत तिवारी, थाना प्रभारी छिबरामऊ, कन्नौज जगदीश प्रसाद शुक्ला, थाना प्रभारी रामसनेही घाट, बाराबंकी धीरज यादव, थाना प्रभारी जौन, अलीगढ़ उदय प्रताप सिंह, थाना प्रभारी सिकरारा, जौनपुर

साथ ही बाराबंकी के क्षेत्राधिकारी यातायात आलोक कुमार पाठक और जौनपुर के क्षेत्राधिकारी यातायात गिरेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं

DGP ने सभी जनपदों को निर्देश दिया कि आगामी त्योहारों, महापुरुष जयंतियों और बड़े आयोजनों को देखते हुए आयोजकों से समन्वय स्थापित कर हर जरूरी व्यवस्था और पुलिस प्रबंध समय से पूरे कर लिए जाएं

जन शिकायत निस्तारण में सुधार को और तेज करने के लिए थाना-चौकी स्तर पर व्यक्तिगत सुनवाई और गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए. मीडिया से संबंधित घटनाओं की तथ्यात्मक, अद्यतन और प्रमाणिक जानकारी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर तुरंत उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया गया

C-RTC, 20 जिलों में सड़क भार कम करने के पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। पीक आवर्स में ट्रैवल टाइम को कम करने के लिए विशिष्ट उपायों की सूचना दी गई। साथ ही डीजीपी ने ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी उपयोग के लिए सभी विवेचकों को विशेष प्रशिक्षण देने को कहा. यक्ष ऐप के माध्यम से बीट सूचनाओं की समयबद्ध फीडिंग, निगरानी और संवेदनशील सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया

डीजीपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुसार सामान्य विवेचनाएं 60 दिनों और गंभीर अपराधों की 90 दिनों में निस्तारण की बात कही. वहीं न्यायालय परिसरों की सुरक्षा, व्यापार मंडलों से नियमित संवाद, NDPS के जब्त माल का समयबद्ध विनिष्टीकरण करने का भी निर्देश दिया.

Neha Mishra
Author: Neha Mishra

नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।

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