गुरुवार को हरियाणा सरकार ने दो IAS अधिकारियों आरके सिंह और प्रदीप कुमार को 500 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में उनकी संलिप्तता के लिए निलंबित कर दिया। सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को दी है। ईडी ने पिछले महीने कहा कि IDFC First Bank से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के बाद ९० बैंक खातों को बंद कर दिया है। इस मामले में हरियाणा सरकार से लगभग 590 करोड़ रुपये का गैरकानूनी निकाला गया है। सीबीआई ने कहा कि इस धोखाधड़ी में कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था और फर्जी बिलिंग करके सोने की खरीद की गई थी
सरकार के फंड को गलत तरीके से इस्तेमाल करने के आरोप में सस्पेंड हुए प्रदीप कुमार 2011-बैच के IAS ऑफिसर हैं. इन्होंने भी 2011 में हरियाणा सिविल सर्विसेज में चयन किया था। सस्पेंड होने से पहले प्रदीप राज्य परिवहन के निदेशक और परिवहन विभाग के विशेष सचिव थे. प्रदीप कुमार का जन्म 6 जून, 1966 को हुआ था. प्रदीप कुमार हरियाणा कैडर में लंबे समय से काम कर रहे हैं. अगर उनके एजुकेशन बैकग्राउंड के बारे में गौर करें तो उन्होंने MPhil और M.Sc. की डिग्री हासिल की है और लंबे समय से प्रशासनिक सेवा में काम कर रहे हैंउन्होंने पहले बतौर सदस्य सचिव के रूप में भी काम किया था. निदेशक वाले पद से सचिव वाले पद पर बोर्ड की खाती में गड़बड़ी मिली है. प्रदीप 30 जून को रिटायर हो रहे हैं. अगर उनका सस्पेंशन जारी रहता है तो उनके ग्रैच्युटी के फायदे भी रुक सकते हैं
घोटाले के आरोपी राम कुमार सिंह का जन्म 11 अगस्त, 1967 को हुआ था. आरके सिंह का पहले सेलेक्शन हरियाणा सिविल सर्विसेज में हुआ. फिर 2012 में इनका HCS से IAS के प्रमोशन के लिए लिस्ट जारी की गई, जो लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2019 में बतौर IAS ऑफिसर प्रमोट हुए. उन्होंने राजनीति विज्ञान में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की थी. आरोप है कि राम कुमार सिंह ने 10 जुलाई, 2025 से 28 जनवरी, 2026 तक पंचकूला नगर निगम आयुक्त का पद संभाला था.इस दौरान शहरी स्थानीय निकाय में धन लूटा गया।राम कुमार सिंह सस्पेंड होने से पहले राजस्व और आपदा प्रबंधन के विशेष सचिव और पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अतिरिक्त CEO के पद पर तैनात थे. उनके पास 27 जुलाई 2025 से 28 जनवरी 2026 तक डीएमएफ का भी चार्ज रहा. इनकी रिटायरमेंट 30 नवंबर 2027 को होनी है
ED के मुताबिक, ये घोटाला पिछले एक साल में बैंक के पूर्व कर्मचारियों की मदद से किया गया था इनमें ऋभव ऋषि भी शामिल हैं आरोप है कि अपराध से मिली रकम को ऋषि और उनकी पत्नी, दिव्या अरोड़ा के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया था. एजेंसी ने आगे बताया कि जांच के तहत अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 6 बैंक कर्मचारी, चार आम नागरिक और एक सरकारी अधिकारी शामिल हैं.
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










