NEP 2020 परिवर्तन एनईपी 2020 को पांच वर्ष हो चुके हैं TV9 भारतवर्ष डिजिटल के सहयोगी प्लेटफॉर्म Education9 में पूर्व यूजीसी अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने एनईपी 2020 के कार्यान्वयन को एक निरंतर प्रक्रिया बताया जो भारत जैसे विविधतापूर्ण और विशाल शिक्षा प्रणाली वाले देश में धीरे-धीरे लागू हो रहा है। उन्हें लगता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संस्थानों को तैयार होने और नीतियों को लागू करने में मदद और समय देना चाहिए। वहीं तैयार संस्थान इन सुधारों को तुरंत लागू कर रहे हैं
इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिक स्वतंत्रता लचीलापन और विकल्प देना है। एम. जगदीश कुमार ने स्पष्ट किया कि हमारे विद्यार्थियों की वित्तीय सामाजिक और आकांक्षाओं की वजह से वन फिट्स ऑल समाधान उपयुक्त नहीं है। छात्र क्रिटिकल थिंकिंग यथास्थिति पर सवाल उठाना जोखिम लेना और टीम में काम करके नए काम करना चाहते हैं जैसे उत्पाद बनाना या स्टार्टअप। इन्हीं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एनईपी 2020 का आर्किटेक्चरल रोडमैप बनाया गया है
4वर्षीय स्नातक कार्यक्रम उच्च शिक्षा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इस कार्यक्रम में छात्रों को तीसरे वर्ष के अंत में डिग्री लेने की क्षमता दी गई है। चौथे वर्ष में पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप या शोध पर केंद्रित अतिरिक्त ज्ञान और अनुभव मिलता है यह चौथे वर्ष का अध्ययन छात्रों की क्षमता को बढ़ाता है और उन्हें नए अवसरों का लाभ उठाने में मदद करता है। यह चार वर्षीय डिग्री का एक बड़ा लाभ यह है कि इसे पूरा करने वाले विद्यार्थी मास्टर डिग्री पूरी किए बिना सीधे पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं
मल्टी एंट्री मल्टी एग्जिट (MEME) प्रणाली भी सुधार है। यह छात्रों को पढ़ाई से एक या दो साल की छुट्टी लेने की अनुमति देता है अगर वे स्वास्थ्य या वित्तीय समस्याओं से जूझते हैं। वर्तमान प्रणाली में ऐसे अवधि को अक्सर विफलता कहा जाता है लेकिन MEME के तहत छात्र बाद में वापस आकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं और उसे पूरा कर सकते हैं। यह विद्यार्थियों को सशक्त बनाता है और उन्हें अपनी शैक्षिक यात्रा को बिना किसी नकारात्मक रेखा के पूरा करने का अवसर देता है। ये सुधार भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को छात्रों की बदलती आवश्यकताओं और विश्वव्यापी मांगों के अनुरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










