हंगरी ने लंबे समय बाद यूरोपीय देशों में सत्ता बदली है पीटर मैग्यार की तिस्जा पार्टी ने विक्टर ओर्बन की फिडेज पार्टी को यहां हुए आम चुनावों में हराया है मैग्यार पार्टी ने दो तिहाई बहुमत हासिल किया है। अमेरिका और रूस दोनों हंगरी में सरकार बदलने से परेशान हैं। हंगरी को अब संभवतः यूरोपीय यूनियन (EU) से अरबों की फंडिंग हासिल करने की पूरी आजादी होगी
मैग्यार ने कहा कि EU की रकम को अनब्लॉक करने पर जल्द ही निर्णय होगा, जिसके लिए स्पष्ट समय सीमा है। मैं एक समझौता बनाने की उम्मीद करता हूँ, उन्होंने कहा। मैग्यार ने कहा कि उनकी सरकार संविधान में संशोधन करेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री के तौर पर अधिकतम दो कार्यकाल ही काम कर सके
उन्होंने आगे कहा कि हम कानून का राज, चेक्स एंड बैलेंसेज की व्यवस्था को बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. मैग्यार ने कहा कि संवैधानिक संशोधन ओर्बन पर भी लागू होगा, जिसका अर्थ है कि वह दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बन सकते
यह नतीजा रूस के लिए झटका है तो यूक्रेन के लिए राहत की बात है. 16 साल से सत्ता में रहे निवर्तमान प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने रूस के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे थे और कीव के लिए 90 अरब यूरो (105 अरब डॉलर) के लोन को रोक दिया था. ओर्बन ने मॉस्को के साथ अपनी नजदीकी को कभी नहीं छिपाया. उन्होंने न केवल रूसी तेल और गैस खरीदना जारी रखा, बल्कि 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भी व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की
ओर्बन ने पड़ोसी देश यूक्रेन में चल रहे युद्ध को अपने चुनावी अभियान का एक मुख्य मुद्दा बनाया था. उनका तर्क था कि अगर मैग्यार की पार्टी जीतती है, तो बुडापेस्ट भी इस संघर्ष में घसीटा जाएगा और हंगेरियन परिवारों के लिए तय पैसा कीव को हथियार देने पर खर्च हो जाएगा
हालांकि मैग्यार ने इन दावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के प्रति ओर्बन जैसी दुश्मनी नहीं रखते. मैग्यार के मुताबिक, हंगेरियन लोगों के साथ कीव का बर्ताव ही दोनों के बीच संबंधों को फिर से बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ गठबंधन बनाने का प्रयास करेंगे
मैग्यार ने सोमवार के अपने भाषण में मॉस्को को यूरोप के लिए खतरा बताया और कहा कि अगर पुतिन उन्हें फोन करते हैं, तो वह उनसे कहेंगे कि चार साल बाद अब यह हत्याएं बंद हो जाएं तो अच्छा रहेगा. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रूस की यह आक्रामकता जल्द ही खत्म हो जाएगी, ताकि रूस पर लगे प्रतिबंध हटाए जा सकें. उन्होंने आगे कहा कि हम रूस के पड़ोसी हैं और यूरोप के हित में यह नहीं है कि वह कच्चा माल ज़्यादा कीमतों पर खरीदे, क्योंकि इससे हमारी प्रतिस्पर्द्धा क्षमता खत्म हो जाती है
यूक्रेन के अधिकारियों ने चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया भी दी. राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने मैग्यार को बधाई देते हुए कहा कि कीव बैठकों और मिलकर रचनात्मक काम करने के लिए तैयार है. वहीं, क्रेमलिन ने कहा कि रूस हंगरी के मतदाताओं की पसंद का सम्मान करता है और बुडापेस्ट में नई सरकार के साथ अपने व्यावहारिक संबंधों को जारी रखेगा
ओर्बन की हार डोनाल्ड ट्रंप, उनका प्रशासन और MAGA कैंपेन के लिए भी एक बड़ा झटका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बार ओर्बन का समर्थन किया था और चुनाव से पहले यह वादा किया था कि अगर ओर्बन दोबारा चुने जाते हैं, तो वह इस देश में अमेरिका की आर्थिक ताकत लेकर आएंगे
पिछले हफ्ते अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की यात्रा से ओर्बन का सियासी महत्व और भी स्पष्ट हो गया। चुनाव में अमेरिका के दखलंदाजी के आरोपों को खारिज करते हुए वेंस ने कहा, हमें यह दिखाना था कि दुनिया भर में असल में ऐसे बहुत से दोस्त हैं जो यह मानते हैं कि विक्टर और उनकी सरकार अच्छा काम कर रही है और वे शांति के लिए अहम साझीदार हैं
हंगरी में सरकार बदली है लेकिन भारत का रुख साफ है कि वो उसके साथ संबंधों को और मजबूत करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटर मैग्यार और उनकी Tissa Party को उनकी जीत पर बधाई दी। उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय तथा रणनीतिक संबंधों को और मज़बूत करने के महत्व पर जोर दिया. भविष्य में सहयोग को लेकर विश्वास जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों में जुड़ाव को और गहरा करने के लिए मैग्यार के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं
उन्होंने आगे कहा, हम द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने, लोगों की भलाई, भारत-EU की महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं
भारत और हंगरी के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं और व्यापार, शिक्षा, संस्कृति तथा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दोनों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है. मध्य यूरोप में हंगरी भारत का एक प्रमुख साझेदार बना हुआ है और दोनों ही देश अपने आर्थिक और कूटनीतिक प्रभाव का विस्तार करने के इच्छुक हैं
प्रधानमंत्री का मैसेज नई दिल्ली के उस इरादे को दर्शाता है कि वो हंगरी के नए नेतृत्व के साथ अपने संबंधों को और अधिक गहरा करे, और साथ ही यूरोपीय यूनियन के साथ भी अपने जुड़ाव को लगातार मजबूत बनाए रखे.
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










