नोएडा बवाल: 150 गाड़ियां जलीं, पुलिस घायल, सीएम आदेश के बाद भी हिंसा

नोएडा बवाल: 150 गाड़ियां जलीं, पुलिस घायल, सीएम आदेश के बाद भी हिंसा

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सोमवार को उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा में हिंसा की घटना हुई पूरे इलाके में तनाव फैल गया, सैकड़ों गाड़ियां जल गईं, पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह हैरान करने वाला है कि सिर्फ एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि श्रमिकों और कंपनियों के बीच बातचीत होनी चाहिए ताकि दोनों पक्षों के हित सुरक्षित रहें। फिर भी हिंसा नहीं रोकी गई

अब सवाल उठता है कि क्या अधिकारी निर्देशों का पालन करने में असफल रहे हैं? इंटेलिजेंस असफल रहा? या फिर कोई उत्तरदायित्व से बचना चाहता था? रविवार रात को मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इसमें गृह विभाग के प्रमुख सचिव, श्रम मंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। नोएडा में चार दिनों से चल रहे श्रमिक आंदोलन पर बैठक में गहरी चिंता व्यक्त की गई। CM ने आठ जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का कठोर आदेश दिया था। साथ ही कहा कि उद्यमियों और कर्मचारियों के बीच संतुलित बातचीत होनी चाहिए, दोनों का हित ध्यान में रखते हुए

सोमवार सुबह हालात बिगड़ गए, हालांकि सीएम ने चेतावनी दी थी। नोएडा के सेक्टर-62, सेक्टर-63 और आसपास के क्षेत्रों में श्रमिको ने वेतनवृद्धि की मांग करते हुए रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने लगभग 120 गाड़ी जला दीं। कुछ पुलिसकर्मी भी चोट लगी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की एक टीम तुरंत लखनऊ से नोएडा चली गई। दूसरी ओर, देर रात कर्मचारियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की गई। अलग-अलग वर्गों में तीन हजार रुपये तक की वेतनवृद्धि की घोषणा की गई। लेकिन मजदूरों की मांग स्पष्ट है। न्यूनतम दो हजार रुपये प्रति माह का मानदेय

नोएडा देशभर की सबसे बड़ी कंपनियों का केंद्र है। IT, ITES, ऑटोमोबाइल और उत्पादन क्षेत्रों में बड़े-बड़े कार्यालय और प्लांट यहाँ हैं। यही कारण है कि यहां हुई हिंसा ने पूरे देश में यूपी की कानून व्यवस्था पर बहस शुरू कर दी है। योगी सरकार ने कानून का राज बताया है। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री की चेतावनी के बावजूद हिंसा हो गई, जिससे सरकार की छवि खराब हो गई। सूत्रों ने बताया कि आंदोलन चार दिन से जारी था, लेकिन स्थानीय प्रशासन और इंटेलिजेंस एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय नहीं थीं

क्या जिला स्तर पर बैठक के निर्देशों को गंभीरता से लिया गया क्या समय रहते पर्याप्त बल लगाए गए या शायद पूरा मामला अफसरों की लापरवाही से शुरू हुआ? आज भी हालात तनावपूर्ण हैं अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। वर्तमान में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की एक टीम मौजूद है और दोनों पक्षों से बातचीत जारी है सरकार ने कहा है कि हिंसा करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न अभी भी रहता है। नोएडा के विवाद में या तो अफसरों को सजा मिलेगी या मामला रफा-दफा हो जाएगा

Neha Mishra
Author: Neha Mishra

नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।

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