Noida समाचार: नोएडा के स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े हजारों खरीदारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में सेक्टर- 150 समेत पांच सेक्टरों की परियोजनाओं के नक्शे पर लगी रोक को हटाने का फैसला लिया गया है. करीब दो साल से ज्यादा समय से इन परियोजनाओं पर रोक लगी हुई थी, जिसे निर्माण कार्य और रजिस्ट्री दोनों प्रभावित हो रहे थे. अब इस फैसले के बाद न केवल रुके हुए कामों में तेजी आएगी बल्कि लोगों को अपने घर का मालिक बनने का रास्ता भी साफ हो गया है
इस फैसले के तहत सेक्टर- 78, 79, 101, 150 और 152 की स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं को राहत मिली है. इन सभी क्षेत्रों में बहुत से ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लंबे समय से अटक गए हैं। अब संशोधित नक्शे को मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं में निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा और जहां काम पूरा हो चुका है वहां रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी
बताया जा रहा है कि निर्णय से लगभग 35 हजार फ्लैट खरीदारों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें कई साल पहले फ्लेट बुक कर चुके लोग भी शामिल हैं। लेकिन अब तक उन्हें पजेशन और फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं मिली है। नक्शे की मंजूरी के बाद, खरीदारों का इंतजार खत्म होने की उम्मीद है और वे जल्द ही अपना घर पा सकेंगे। इस निर्णय से स्पोर्ट सिटी से जुड़ी लगभग 46 ग्रुप हाउसिंग योजनाएं प्रभावित होंगी। इनमें से कई परियोजनाओं में निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ था। किंतु कुछ में निर्माण पूरा होने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई
बिल्डरों पर बकाया राशि भी इस पूरे मामले में एक बड़ी समस्या है। जानकारी के अनुसार, स्पोर्ट सिटी विंडो पर लगभग 9318 करोड़ रुपये का बकाया है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि निर्माण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया के साथ-साथ बकाया वसूली पर भी सख्ती बढ़ती जाएगी. बिल्डरों को अपने बकाया भुगतान के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा. इस मंजूरी के बाद अब उन परियोजनाओं में रजिस्ट्री शुरू हो सकेगी, जहां पहले कानूनी और तकनीकी अर्चना थी इससे हजारों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और लंबे समय से रुका हुआ काम भी आगे बढ़ेगा
प्राधिकरण ने ये भी स्पष्ट किया है कि भारत सिटी परियोजना मैं खेल सुविधाओं को विकसित करना अनिवार्य होगा. बिल्डरों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल आवासीय निर्माण ही नहीं बल्कि खेल से जुड़ी सुविधाएं भी तय मानकों के अनुसार विकसित की जाएं. इसके लिए समय सीमा और शर्तें भी तय की गई है. बोर्ड बैठक में पुराने निर्णयो की समीक्षा करते हुए बदलाव किए गए हैं. नई नीति के तहत अक्षों की मंजूरी रजिस्ट्री और निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे परियोजनाओं को जल पूरा किया जा सकेगा. इससे न केवल खरीदार को राहत मिलेगी बल्कि प्राधिकरण को भी अपनी लंबित मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी
इस फैसले को नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. लंबे समय से अटक चुकी परियोजनाओं के चलते बाजार में जो स्थिति उत्पन्न हुई अब उसमें सुधार आने की उम्मीद है. निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और नए प्रोजेक्ट में भी तेजी देखने को मिल सकती है. नोएडा प्राधिकरण का यह फैसला हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जिन लोगों ने सालों पहले अपने सपनों का घर खरीदा था अब उनके सपनों के पूरे होने की उम्मीद मजबूत हो गई है
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










