आज गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र आहूत किया गया है नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन पर इस सत्र का मुख्य ध्यान है जो भाजपा सरकार खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ आलोचना प्रस्ताव लाने जा रही है। यह निंदा प्रस्ताव वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे। प्रस्ताव के बाद विधायकों और दलीय नेताओं द्वारा चर्चा होगी। महिला सशक्तीकरण महिला सुरक्षा शिक्षा रोजगार और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी सदन में व्यापक चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को सदन में भाषण देंगे।
भाजपा सरकार ने नारी शक्ति वंदन विधेयक के संशोधन परिसीमन और पारित नहीं होने के बाद विपक्ष पर साजिशन और महिलाओं के सशक्तीकरण में बाधा डालने का आरोप लगाया है। कैबिनेट ने इसे अनुमोदित किया था। सरकार का कहना है कि भाजपा महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन विपक्ष ने लोकसभा में बिल को पारित नहीं होने दिया। चर्चा के दौरान महिलाओं को ज्यादा समय मिलेगा।
दूसरी ओर कल पार्टी कार्यालय में समाजवादी पार्टी ने 16 महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा की और भाजपा सरकार के खिलाफ अपना अतिनिंदा प्रस्ताव पारित किया। विधानसभा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी महिला मुद्दों को उठाने और सदन में सक्रिय भाग लेने के निर्देश दिए। SPD ने 2023 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण की मांग फिर से उठाई है। कांग्रेस भी विपक्ष के साथ मिलकर सरकार पर हमला करने के लिए तैयार है। दोनों सदनों में बहस होने की उम्मीद है। सुबह 9:30 बजे लोग भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एनडीए विधायकों की बैठक करेंगे।
परामर्शदात्री समिति की बैठक में सदन की गरिमा को बचाने और सार्थक चर्चा करने पर सहमति हुई। विधानसभा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी दलों ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करने की प्रतिज्ञा की। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव भी बोलेंगे। प्रश्नोत्तर नहीं होगा। पटल पर कई अध्यादेश प्रस्तुत किए जाएंगे।
यदि कोई विधेयक पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अधिकरण) (संशोधन) अध्यादेश 2026 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026 उत्तर प्रदेश वानिकी और औद्योगिकी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश 2026 उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) अध्यादेश 2026 और उत्तर प्रदेश निजी विश्व
भाजपा का मानना है कि यह विशेष सत्र 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को आकर्षित करने और विपक्ष को घेरने का एक हिस्सा है। भाजपा विधायक कमाल अख्तर ने आरक्षण को 2023 की जनगणना में लागू करने की मांग करते हुए इसे राजनीतिक स्टंट बताया है। महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर दोनों पक्षों ने आक्रामक रुख अपनाया है इसलिए सत्र की कार्यवाही पर सबका ध्यान है। सदन की कार्यवाही सुचारू रखने की अपील की गई है लेकिन हंगामा औप्रदर्शनर वाकयुद्ध की आशंका बनी हुई है। 10:30 बजे सपा विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर सरकार के खिलाफ भी कर सकते हैं।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










