महिला आरक्षण पर बड़ा बयान पीएम मोदी ने संसद से जल्द फैसले की अपील की

महिला आरक्षण पर बड़ा बयान पीएम मोदी ने संसद से जल्द फैसले की अपील की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर महिला आरक्षण को लागू करने का एक पोस्ट शेयर किया। PM मोदी ने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं का आरक्षण समय की मांग है। इससे हमारा लोकतंत्र और ज्यादा जीवंत एवं सहभागी बनेगा. इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी तरह की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी. इसी को लेकर उन्होंने एक लेख भी शेयर किया. पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी की विकास यात्रा में हमारा भारत एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण की ओर आगे बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में हम अपने लोकतंत्र को और मजबूत करने वाली एक बड़ी पहल के साक्षी बनने वाले हैं. पीएम मोदी ने कहा कि यह ऐसा अवसर है, जब समानता हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता समावेशन और जनभागीदारी के साथ बदल जाएगी। हमारे देश की संसद को इस समय महत्वपूर्ण काम करना होगा

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहिए, जो हमारे लोकतंत्र को अधिक विस्तृत और प्रतिनिधिक बनाए। उनका कहना था कि संसद के इस निर्णय से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई शक्ति मिलेगी और विधानसभाओं और लोकसभाओं में उनका उचित स्थान मिलेगा। यह क्षण इसलिए भी विशेष है, क्योंकि यह ऐसे समय में आ रहा है जब देश का वातावरण उत्सव, नवीनता और सकारात्मकता से भरा हुआ है. आने वाले दिनों में भारत के अलग-अलग हिस्सों में अनेक पर्व मनाए जाएंगे

PM मोदी ने कहा कि ओडिशा में महा बिशुबा पणा संक्रांति होगी और असम में रोंगाली बिहू होगा। पोइला बैशाख पश्चिम बंगाल में बंगाली नववर्ष की शुरुआत होगी। केरलम में विषु पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा. तमिलनाडु के लोग उत्सुकता से पुथांडु की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो पंजाब और उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों में लोगों को बैसाखी के पर्व का इंतजार है

उन्होंने कहा कि हमारे ये पावन पर्व हर किसी में एक नई आशा का संचार करने वाले हैं. भारत के साथ-साथ दुनियाभर में इन त्योहारों को मनाने वाले सभी लोगों को मैं हृदय से शुभकामनाएं देता हूं. मैं ये कामना करता हूं कि ये दिव्य और पावन अवसर हम सभी के जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आएं

PM मोदी ने कहा कि 11 अप्रैल से महात्मा फुले की 200वीं जयंती भी मनाई जाएगी। 14 अप्रैल को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती मनाई जाएगी। ये दोनों तिथियां हमें सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के उन मूल्यों की भी याद दिलाती हैं, जिन्होंने आधुनिक होते भारत की दिशा तय की हैं. इन्हीं प्रेरणादायी अवसरों के बीच, 16 अप्रैल को संसद की ऐतिहासिक बैठक होगी. महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के बाद उसे पारित कराने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि इसे सिर्फ एक विधायी प्रक्रिया कहना इसके महत्व को कम करके आंकना होगा. यह भारतवर्ष की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है

उनका कहना था कि हमारी नारीशक्ति देश की लगभग आधी आबादी का हिस्सा है। उनके अमूल्य योगदान ने देश को बनाया है। आज नारीशक्ति देश के हर क्षेत्र में एक मिसाल बन रही है। साइंस और टेक्नोलॉजी से लेकर उद्यमशीलता, खेल से लेकर सेना और संगीत से लेकर कला के क्षेत्र में महिलाएं अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। हमारी माताएं-बहनें और बेटियां देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पारंपरिक मूल्य बताते हैं कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा मौके मिलते हैं. इसी सोच के साथ बीते 11 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दिया गया है, इसके लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं. शिक्षा तक बढ़ती पहुंच, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, वित्तीय समावेशन में बढ़ोतरी और बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच ने आर्थिक और सामाजिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती दी है

उन्होंने कहा कि लेकिन ये भी सच्चाई है कि इन सारे प्रयासों के बावजूद भी राजनीति और विधायी संस्थाओं में महिलाओं प्रतिनिधित्व समाज में उनकी भूमिका के अनुरूप नहीं रहा है. इस कमी को अब दूर किया जाना चाहिए, क्योंकि जब महिलाएं प्रशासन चलाने और प्रशासनिक निर्णयों में हिस्सा लेती हैं, तो उनका अनुभव और विजन बहुत काम आता है. इससे चर्चा तो समृद्ध होती ही है, क्वालिटी ऑफ गवर्नेंस में सुधार भी होता है. महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है, ये हमारे लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, संतुलित और उत्तरदायी बनाने का प्रयास है

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों में लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं को उनका उचित स्थान दिलाने के लिए बार-बार प्रयास हुए हैं. समितियां गठित की गईं, विधेयकों के मसौदे प्रस्तुत किए गए, लेकिन वे कभी पारित नहीं हो सके. फिर भी, इस बात पर व्यापक सहमति रही है कि विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए. सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था. यह मेरे जीवन के सबसे विशेष अवसरों में से एक रहा है. अब जरूरत है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले समय में राज्यों के विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के प्रावधानों के साथ कराए जाएं

उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने का यह अवसर हमारे संविधान की मूल भावना के साथ गहराई से जुड़ा है. हमारे संविधान निर्माताओं ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां समानता न केवल संविधान में निहित हो, बल्कि उसे व्यवहार में भी लाया जाए. पीएम मोदी ने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना, उस परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है. यह एक ऐसे समाज के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें राष्ट्र का भविष्य तय करने में प्रत्येक नागरिक की समान भूमिका हो

प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि इस फैसले को और टाला नहीं जा सकता। इसकी आवश्यकता को दशकों से स्वीकार किया गया है। इस पर चर्चा हुई है और बार-बार कहा गया है। यदि हम इसे टालते रहते हैं, तो हम उस असंतुलन को और लंबा खींच रहे हैं, जिसे हम जानते हैं और सुधार सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. इसलिए ये जरूरी है कि हमारी संस्थाएं सभी नागरिकों, विशेष रूप से हमारी आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करें. इससे न सिर्फ दशकों पुराना संकल्प पूरा होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समय सामूहिक समझौते का है। यह किसी एक सरकार, एक दल या एक व्यक्ति का विषय नहीं है. यह पूरे राष्ट्र का विषय है. हमें मिलकर इस कदम के महत्व को समझना है और मिलकर ही इसे साकार करना है. यही हमारी नारी शक्ति के प्रति हमारा दायित्व भी है, इसलिए महिला आरक्षण बिल को पारित कराने के लिए सहमति बहुत जरूरी है. इसे बड़े राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए. ऐसे अवसर हमें यह याद दिलाते हैं कि कुछ फैसले अपने समय से बड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि वे आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करते हैं. ये हमें याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र की असली ताकत समय के साथ खुद

संसद का यह ऐतिहासिक सत्र जल्द ही शुरू हो जाएगा। मैं सभी दलों के सांसदों से हमारी नारीशक्ति के लिए इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन करने का आग्रह करता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि हम जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प के साथ इस दायित्व को पूरा करें. आइए, हम अपने लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं के अनुरूप इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें.

Neha Mishra
Author: Neha Mishra

नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।

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