बीते दिन बॉलीवुड सिंगर Zubeen Garg की अचानक मौत ने संगीत जगत और उनके फैंस को गहरा सदमा दिया। जुबिन कई सुपरहिट गानों में अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेर चुके थे। वे सिंगापुर में चौथे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने पहुंचे थे। 19 सितंबर को समुद्र किनारे स्कूबा डाइविंग के दौरान एक हादसे में उनकी मौत हो गई। जुबिन गर्ग अपने परिवार में अकेले नहीं हैं जिन्होंने हादसे में अपनों को खोया। 23 साल पहले जुबिन की बहन, जो खुद एक बड़ी सिंगर थीं, एक कार हादसे में अपनी जान गंवा चुकी थीं। इस परिवार ने अपने जिगर के टुकड़े खोने के बाद क्या महसूस किया और क्या कहा, यह जानना बेहद दुखद और संवेदनशील है।
जुबिन गर्ग की बहन जोंगकी गर्ग करीब 23 साल पहले जनवरी में एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने जा रही थीं, तभी उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी। वह महज 18 साल की उम्र में अभिनेत्री और गायिका के रूप में पहचान बना चुकी थीं। बहन की मौत ने जुबिन को गहराई से प्रभावित किया था और वह अक्सर अपने संगीत कार्यक्रमों में उनका जिक्र किया करते थे।
Update-
The post-mortem of our beloved Zubeen Garg has been completed in Singapore. His mortal remains are now being handed over to the accompanying team — Shri Shekar Jothi Goswami, Shri Sandeepan Garg, and Shri Siddharth Sharma (Manager) — in the presence of officers from the…
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) September 20, 2025
शुक्रवार को परिवार ने सिंगापुर में समुद्र में हुए हादसे में अपने इकलौते बेटे जुबिन को भी खो दिया। अब परिवार में उनके बीमार पिता, व्यथित पत्नी और एक बहन ही रह गई हैं। भूगोल की शिक्षिका पाम्ले बोरठाकुर अब मोहिनी मोहन बोरठाकुर और दिवंगत इली बोरठाकुर की तीन संतानों में एकमात्र जीवित सदस्य हैं।
जुबिन के चाचा मनोज कुमार बोरठाकुर ने डिब्रूगढ़ से बताया, “यह हमारे लिए बेहद दुखद समय है और इसे मान पाना मुश्किल है। अब हम एक-दूसरे का सहारा बनने के अलावा कुछ नहीं कर सकते।” मनोज गुवाहाटी रवाना होने की तैयारी कर रहे थे ताकि अपने बड़े भाई और दिवंगत गायक के पिता के पास रह सकें। उन्होंने कहा, “दादा इस समय काहिलीपारा स्थित फ्लैट में हैं। पाम्ले ने कहा कि किसी को पिता के पास रहना चाहिए, इसलिए हम निकल रहे हैं।” मनोज शिवसागर में रहते हैं, लेकिन हाल ही में अपने ससुराल वालों से मिलने डिब्रूगढ़ गए थे। उन्होंने कहा, “दादा पिछले दो वर्षों से जुबिन के साथ रह रहे थे और कुछ हद तक ठीक थे। अब इस सदमे को वह कैसे झेलेंगे, कहना मुश्किल है
पूर्व नौकरशाह, प्रख्यात कवि और लेखक मोहिनी मोहन बोरठाकुर कुछ वर्षों से अल्जाइमर से जूझ रहे हैं। कई साल पहले उन्होंने अपनी पत्नी को भी खो दिया था, जो एक लोकप्रिय संगीतकार थीं। जुबिन के चाचा मनोज ने बताया कि वह अभी तक जुबिन की पत्नी गरिमा से बात नहीं कर पाए हैं। जुबिन और प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर गरिमा ने 2002 में शादी की थी और दंपति की कोई संतान नहीं है। हादसे के समय गरिमा गुवाहाटी में मौजूद थीं। इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा शुक्रवार रात गुवाहाटी के काहिलीपारा इलाके में जुबिन गर्ग के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री अपनी पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के साथ गए और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं, शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने बताया कि शिक्षा विभाग ने गायक के अंतिम संस्कार तक स्कूल की अर्धवार्षिक परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
साल 1998 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिल से’ आज भी अपनी दमदार कहानी और बेहतरीन संगीत के लिए जानी जाती है। इस फिल्म के संगीत में जुबिन गर्ग ने खास योगदान दिया था। इसके अलावा उन्होंने सैकड़ों सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दी है। IMDb के मुताबिक, अब तक जुबिन ने 222 फिल्मों में अपने संगीत और सुरों की खूबसूरती बिखेरी है।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










