मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही प्रदेश में कोटेदारी की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। अब सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर शासन की योजनाएं ईमानदारी से नीचे तक पहुंचाई जाएं तो भूख, बीमारी और कुपोषण से कोई नहीं मर सकता। पोषण मिशन के तहत मिलने वाली सहायता भी DBT के जरिए से सीधे खातों में भेजेंगे ।
योगी ने कहा कि उनके सत्ता संभालने के तुरंत बाद 30 लाख फर्जी राशन कार्ड रद्द किए गए। केवल 13 हजार कोटेदारों के यहां इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल लगाकर हर साल 350 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। सभी 80 हजार कोटेदारों पर यह तकनीक लागू होने से लगभग दो हजार करोड़ रुपये की वार्षिक बचत होगी। कोटेदारों से कहा जाएगा कि वे कोई दूसरा व्यवसाय अपनाएं।

सीएम ने कहा कि सशक्त भारत का रास्ता बेहतर स्वास्थ्य से होकर गुजरता है। छह विभाग मिलकर प्रदेश में पोषण अभियान चला रहे हैं। उन्होंने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुधारों का जिक्र किया। जापानी इंसेफलाइटिस के खिलाफ वैक्सीनेशन में सफलता मिली। बीते साल ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत की खबरें मीडिया में आईं। तत्काल उच्चस्तरीय टीम मौके पर भेजी गई और समस्या का समाधान किया गया।
इंसेफलाइटिस और साफ पेयजल की व्यवस्था
सीएम ने बताया कि इंसेफलाइटिस से निपटने के लिए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज और महिला एवं बाल कल्याण विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। गंदगी और साफ पेयजल न मिलने के कारण बीमारी फैलती थी। इसलिए गोरखपुर समेत सात प्रभावित जिलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई और अगले चरण में आरओ प्लांट लगाए जाएंगे। पिछले साल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 से ज्यादा मौतें हुईं, इस साल यह संख्या 10 से कम है।
जनजागरूकता और पोषण मिशन
योगी ने कहा कि पोषण मिशन को सफल बनाने के लिए जनजागरूकता जरूरी है। पहले गरीबों के लिए भेजा जाने वाला राशन खुले बाजार में बिक जाता था। अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। राशन कार्ड आधार से जोड़े गए और डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सहजन के पेड़ लगाकर, रागी और मोटे अनाज के उत्पादन पर जोर देकर कुपोषण कम किया जा सकता है। प्रदेश में डेढ़ करोड़ शौचालय बन चुके हैं और दो अक्टूबर तक यूपी को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य केंद्र और योजनाओं की समीक्षा
सीएम ने कहा कि लखनऊ के चार बड़े संस्थानों को 1600 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। साथ ही गांवों के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करना जरूरी है। हर 15 दिन में स्वास्थ्य मेले लगाए जाएंगे। डीएम से लेकर मुख्य सचिव तक को महीने में योजनाओं की समीक्षा करनी होगी। आयुष्मान योजना में 2.18 करोड़ परिवारों को कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। शेष परिवारों को भी जल्द लाभ मिलेगा।









