बिहार की राजनीति में इस समय ‘संजय’ नाम की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। जब बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा, तो इस हार में तेजस्वी यादव के करीबी और राज्यसभा सांसद संजय यादव का नाम खूब सुर्खियों में रहा। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में भी तीन संजय नाम के विधायकों ने मंत्री पद की शपथ लेकर खूब चर्चा बटोरी है। यह पहली बार है जब किसी राज्य के मंत्रिमंडल में तीन मंत्री एक ही नाम के हों।
नीतीश के मंत्रिमंडल में तीन संजय
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान, पटना में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस समारोह में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया। इन सभी मंत्रियों में तीन संजय नाम के विधायक भी शामिल थे, जो कैबिनेट मंत्री के पद पर नियुक्त हुए। इनमें से एक संजय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हैं, जबकि दो संजय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर विधानसभा पहुंचे हैं। यह एक अनोखी राजनीतिक कहानी बन गई है।

भाजपा के संजय सिंह टाइगर
भारतीय जनता पार्टी के संजय सिंह टाइगर आरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर मंत्री बने हैं। उन्होंने इस चुनाव में सीपीआई एमएल के कयामुद्दीन अंसारी को भारी मतों के अंतर से हराया। लगभग 19 हजार से ज्यादा वोटों से मिली इस जीत ने उनकी लोकप्रियता को दर्शाया। संजय सिंह टाइगर का राजनीतिक करियर तेजी से उभर रहा है और मंत्री बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं।
लोजपा (रामविलास) के दो संजय
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर चुनाव जीतने वाले दो संजय मंत्री भी इस मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। महुआ विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने संजय सिंह ने आरजेडी प्रत्याशी मुकेश रोशन को मात दी। इस क्षेत्र में तेजप्रताप यादव भी चुनावी मैदान में थे, लेकिन संजय सिंह ने उन्हें भी पछाड़ दिया। दूसरी ओर, बखरी विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले संजय पासवान ने सीपीआई के उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की है। दोनों संजययों की जीत ने लोजपा की स्थिति को मजबूत किया है।
राजनीति में संजय नाम की महत्ता
राजनीति में संजय नाम की बढ़ती लोकप्रियता केवल मंत्रिमंडल तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का नाम भी संजय है। ऐसे में बिहार की राजनीति में ‘संजय’ नाम को एक नए राजनीतिक प्रभाव और पहचान के रूप में देखा जा रहा है। तीन संजय मंत्री और कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर संजय नाम के नेताओं ने साबित कर दिया है कि यह नाम बिहार के राजनीतिक भविष्य का एक अहम हिस्सा बन चुका है।








