भारतीय वायुसेना का इंतजार खत्म हो गया है। आज स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (LCA) तेजस MK1-A अपनी पहली उड़ान भरेगा। इससे HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) द्वारा इंडियन एयरफोर्स को आधुनिक जंगी बेड़े की आपूर्ति की राह खुल जाएगी। यह विमान ब्रह्मोस, अस्त्र जैसी कई स्वदेशी मिसाइलें ले जाने में सक्षम होगा, जो भारत की बढ़ती रक्षा शक्ति और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह महाराष्ट्र के नासिक स्थित HAL के विनिर्माण प्रभाग में मौजूद रहे और उन्होंने LCA के लिए HAL की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन भी किया।
रणनीतिक तैनाती और विशेषताएं
तेजस के पहले बैच को राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयर बेस पर तैनात किया जाएगा, जो पाकिस्तान सीमा के पास रणनीतिक रूप से स्थित है। इस फाइटर जेट की खासियत यह है कि इसके पंखों में 9 मिसाइलें फिट हो सकती हैं। इसमें ब्रह्मोस और अस्त्र जैसी मिसाइलों को लगाया जाएगा। हर तेजस MK1-A की कीमत करीब 600 करोड़ रुपये है। इसकी अधिकतम गति 2222 किलोमीटर प्रति घंटे है, यानी ध्वनि की गति से लगभग दोगुनी तेज। इसकी रेंज 3,000 किलोमीटर तक है और यह पहाड़ों में युद्ध के लिए भी बेहद सक्षम है। इन खूबियों के चलते इसे ‘सुपर जेट’ कहा जाता है। HAL के अधिकारियों के अनुसार, इन सुविधाओं की मदद से भारतीय वायुसेना द्वारा ऑर्डर किए गए 180 LCA MK1-A विमानों की आपूर्ति 2032-33 तक समय पर पूरी की जा सकेगी।
#WATCH | Maharashtra | HAL manufactured LCA Tejas Mk 1A, HTT-40 basic trainer aircraft and Su-30 MKI flying at the inauguration of the third line of LCA Mark 1A and second line of HTT-40 at HAL facility in Nashik. https://t.co/OhSUaXT5Fo pic.twitter.com/w5fWhGoR0P
— ANI (@ANI) October 17, 2025
तेजस MK1A की आपूर्ति में देरी का कारण
भारतीय वायुसेना को तेजस MK1A जेट की आपूर्ति में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मूल रूप से यह विमान पिछले साल शामिल होने वाला था, लेकिन अब यह चार तिमाहियों से ज्यादा लेट हो गया है। खास वजह अमेरिका से GE के F404 इंजनों की सप्लाई में बाधा रही।
इंजन की उपलब्धता और आपूर्ति
अब तक HAL को केवल चार इंजन ही प्राप्त हुए हैं और अक्टूबर के अंत तक दो और इंजन मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने बताया कि इंजन आपूर्ति श्रृंखला में समस्या मुख्य बाधा है, लेकिन भविष्य में नियमित मासिक आपूर्ति होने की संभावना है। HAL के अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही इंजन की आपूर्ति स्थिर होगी, LCA MK1A विमानों का उत्पादन तेजी से होगा।
Defence Minister @rajnathsingh to inaugurate the 3rd LCA Tejas Mk1A and 2nd HTT-40 production lines at HAL, Nashik today.#TejasMk1A #HTT40 pic.twitter.com/tJTYCYsGjF
— All India Radio News (@airnewsalerts) October 17, 2025
निर्माण और परीक्षण
हालांकि 10 MK1A जेट विमानों का निर्माण और परीक्षण पूरा हो चुका है, लेकिन भारतीय वायुसेना को पूरी आपूर्ति अंतिम उड़ान परीक्षण और हथियार एकीकरण के पूरा होने के बाद ही मिल पाएगी। नासिक से एक विमान इसी महीने वायुसेना को सौंपे जाने के लिए तैयार है, लेकिन आपूर्ति की निश्चित तारीख अभी तय नहीं हुई है।
भारतीय वायुसेना का इंतजार
भारतीय वायुसेना कई बार तेजस की आपूर्ति में देरी पर निराशा जता चुकी है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वे LCA MK1-A का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने इसे ऐसे बताया जैसे कोई भूखे पेट लंबे समय तक भोजन का इंतजार कर रहा हो।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










