सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफार्मों को पूरी तरह बैन किया जा सकता है. याचिका में आरोप लगाया गया कि जुआ और सट्टेबाजी की वेबसाइटें सोशल या ई-स्पोर्ट्स गेम के नाम पर चल रही हैं. पीठ ने केंद्र से इस मामले पर जवाब मांगा और कोर्ट की सहायता करने को कहा.
सुनवाई में पीठ ने वकील से किया अनुरोध
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. पीठ ने संगठन CASC के वकील से कहा कि वे याचिका की पूरी फाइल केंद्र सरकार के वकील वी.सी. भारती को सौंपें. कोर्ट ने दो सप्ताह बाद इस मामले पर जवाब मांगा है.

याचिका में बैन की मांग
पीठ ने संगठन के वकील से अनुरोध किया कि वे याचिका पर गौर करें और सुनवाई में मदद करें. संगठन CASC ने देशभर में ऑनलाइन गेम्स और मनी गेमिंग प्लेटफार्म पर बैन लगाने की मांग की है. याचिकाकर्ता का दावा है कि कई प्लेटफार्म सोशल या ई-स्पोर्ट्स गेमिंग ऐप की आड़ में काम कर रहे हैं.
कानून और व्याख्या की मांग
यह याचिका वकील विराग गुप्ता और रूपाली पंवार के माध्यम से पेश की गई. याचिका में यह भी मांगा गया कि हाल ही में लागू ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025 की स्पष्ट व्याख्या की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि यह कानून उन राज्यों के नियमों के हिसाब से लागू हो जो जुआ और सट्टेबाजी पर पहले से रोक लगाते हैं.
आर्थिक नुकसान और प्रचार की चिंता
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि ऑनलाइन मनी गेम्स लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गए हैं. इससे आर्थिक नुकसान, जुए की लत, मानसिक समस्याएं और आत्महत्या जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि कई क्रिकेटर और एक्टर रियल-मनी गेमिंग प्लेटफार्म का प्रचार कर साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा दे रहे हैं.
कोर्ट ने जांच शुरू की
17 अक्टूबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार सीधे तौर पर इस मामले की जांच शुरू की. कोर्ट ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के प्लेटफार्मों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा सकती है. इस मामले का फैसला विवादित ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के भविष्य को प्रभावित कर सकता है.
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










