कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के अंदर सत्ता संघर्ष ने फिर से तूल पकड़ लिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में चल रही कयासबाजी और अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मामले को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ विचार-विमर्श के बाद सुलझाने का भरोसा दिया है। वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पार्टी की एकता का दावा करते हुए कहा कि कोई भ्रम या अलग-अलग समूह नहीं हैं और कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। कर्नाटक की सियासत में यह तनाव इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हो चुके हैं और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- सोनिया-राहुल से होगी चर्चा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वे कर्नाटक के नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बात करेंगे। उन्होंने कहा, “सोनिया जी, राहुल जी से चर्चा करूंगा फिर इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2023 में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार के बीच कथित सत्ता साझेदारी को लेकर पार्टी में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के भीतर चल रही इस खींचतान ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या जल्द ही नेतृत्व में बदलाव होगा या नहीं।
#WATCH बेंगलुरु: कर्नाटक में राजनीतिक उथल-पुथल और मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, "कोई कन्फ्यूजन नहीं है। किसी को कुछ भी मांगना नहीं चाहिए। कोई ग्रुप नहीं है। सिर्फ एक ग्रुप है- कांग्रेस ग्रुप। हमारा ग्रुप 140 MLA का है।" pic.twitter.com/DJbvkHCH6E
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 26, 2025
डिप्टी सीएम शिवकुमार का बड़ा बयान, जताई पार्टी एकता
डिप्टी सीएम और कर्नाटक कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता डीके शिवकुमार ने इस संकट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई कन्फ्यूजन नहीं है और कोई अलग-अलग ग्रुप नहीं हैं। उनका कहना था, “हमारा ग्रुप 140 विधायकों का है।” हालांकि, पार्टी के अंदर जारी सत्ता संघर्ष को छुपाने की यह कोशिश मानी जा रही है। शिवकुमार ने यह भी कहा कि कोई भी नेता अपनी मांग पार्टी के बाहर न ले जाए। वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी हाल ही में अपने पांच साल के कार्यकाल पूरे करने और भविष्य में राज्य का बजट पेश करने का भरोसा दिया है।
दिल्ली से लौटे विधायकों ने जताई उम्मीदें
नई दिल्ली से बेंगलुरु लौटे कांग्रेस के कुछ विधायकों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व शीघ्र ही इस विवाद का निपटारा करेगा। कई विधायकों ने आलाकमान से अनुरोध किया है कि मुख्यमंत्री के विषय में चल रही भ्रम की स्थिति जल्द दूर हो। कुछ विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान युवाओं और नए चेहरों को मौका दिया जाना चाहिए। पिछले हफ्ते दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष से मिलने वाले विधायकों में से कई ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी।
शिवकुमार ने ‘गुप्त समझौते’ की बात कही
शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर सार्वजनिक बहस नहीं करना चाहते क्योंकि यह मामला पार्टी के कुछ चुनिंदा नेताओं के बीच एक ‘गुप्त समझौते’ जैसा है। उन्होंने अपने समर्थन का भरोसा जताते हुए कहा कि वे अपनी अंतरात्मा पर विश्वास रखते हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो शिवकुमार समर्थक छह विधायकों का एक समूह दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात कर चुका है, और और भी विधायकों के जाने की संभावना है। इस बीच, पार्टी में जारी विवाद ने कांग्रेस के कर्नाटक अध्याय को अस्थिर कर दिया है, जबकि सभी की नज़रें अब आलाकमान की अगली चाल पर टिकी हैं।








