बहुजन समाज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने बताया कि हाल ही में हुई दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक में संगठन की तैयारियों और रणनीति की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
मायावती ने सोशल साइस एक्स पर लिखा कि वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उम्मीदवारों के चयन और आगामी चुनावों की समग्र तैयारियों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अगले महीने से शुरू होने वाली पार्टी यात्राएँ और जनसभाएँ उनकी निगरानी में आयोजित की जाएंगी।
बिहार विधानसभा के लिये जल्द अगले कुछ महीनों में ही होने वाले आमचुनाव में बी.एस.पी. उम्मीदवारों के चयन सहित पार्टी के हर स्तर की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों की बैठक में गहन चर्चा व समीक्षा की गयी तथा इस दौरान अकेले अपने बल पर चुनाव लड़ने के फैसले के…
— Mayawati (@Mayawati) August 31, 2025
पार्टी की इन पहलों की जिम्मेदारी राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और बिहार इकाई को दी गई है। इसके साथ ही राज्य को तीन क्षेत्रों में बांटकर वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग प्रभार सौंपा गया है।
मायावती ने 2 मार्च को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। इसके बाद जब आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, तो मायावती ने अप्रैल में उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया। इसके एक महीने बाद, उन्हें पार्टी का मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों को कमियों को दूर करने और बिहार में बेहतर परिणाम लाने के लिए पूरी मेहनत और लगन से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए, बसपा के नेताओं ने पार्टी प्रमुख को आश्वासन दिया कि आगामी चुनावों में पार्टी बेहतर परिणाम हासिल करेगी।
इससे पहले उड़ीसा और तेलंगाना में भी बसपा ने संगठन की तैयारियों का जायजा लिया। पार्टी प्रमुख ने जिला से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन और जनाधार बढ़ाने के मिशनरी कार्यों के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा स्वयं की।









