24 अप्रैल भारतीय क्रिकेट में किसी उत्सव या पवित्र दिन से कम नहीं है क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर भी 24 अप्रैल को अपना जन्मदिन मनाते हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर में भारत सहित पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया है शायद ही उनके बारे में कुछ कहने के लिए बाकी है। अब तक सभी ने उनके बारे में बहुत कुछ पढ़ा सुना देखा और लिखा है। लेकिन कुछ निकलकर आ ही जाता है। जैसे बिस्किट बनाने वाले का बेटा सचिन को मुसीबत में डाल दिया
नवंबर 1989 में सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। उस समय उन्हें सिर्फ 16 वर्ष और लगभग 7 महीने की उम्र थी। नवंबर 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई के अपने घरेलू मैदान वानखेडे स्टेडियम में टेस्ट सीरीज के साथ उन्होंने संन्यास का ऐलान किया। सचिन ने 24 साल में हर जगह बल्ला लेकर मैदान पर कदम रखा और सिर्फ रन और शतकों की बारिश की
सचिन ने अपने इतने लंबे करियर में 800 पारियों में बैटिंग की और अधिकांश समय दबदबा बनाए रखा हालाँकि कुछ गेंदबाजों ने मास्टर ब्लास्टर को कुछ अवसरों पर परेशान किया। बिस्किट बनाने वाले का बेटा था जिसकी स्पिन में सचिन कई बार फंस गया। ये स्पिनर श्रीलंका का प्रसिद्ध गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन था
मुरलीधरन के पिता का श्रीलंका में बिस्किट बनाने का बिजनेस बहुत सफल था वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 800 विकेट ले चुका था। पिता के व्यवसाय की ही तरह बेटे मुरलीधरन ने भी ऑफ स्पिन गेंदबाजी में सफलता हासिल की जिसमें सचिन का विकेट एक महत्वपूर्ण उपलब्धि था। इंटरनेशनल क्रिकेट में सचिन और मुरली ने 66 मुकाबलों में खेले जिसमें श्रीलंकाई स्पिनर ने 13 बार भारतीय दिग्गज को आउट किया
हालाँकि ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने सचिन को 14 बार आउट करने का रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन मुरलीधरन ने सचिन को इतना परेशान नहीं किया जितना किसी और ने किया होगा। इनके अलावा साउथ अफ्रीका के शॉन पॉलक और ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा ने 13-13 बार तेंदुलकर का विकेट झटका था
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










