कटरिया कांड की जांच के लिए गए समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल में शामिल सत्येंद्र यादव सत्या को हॉस्पिटल से जबरदस्ती गिरफ्तार किए जाने पर परिजनों और सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है
सत्या के बड़े भाई फौजी वीरेंद्र यादव ने कहा कि प्रशासन सत्येंद्र सत्या को झूठे केस में फंसा रहा है जबकि वो प्रतिनिधि मंडल में लोकतांत्रिक तरीके से शामिल थे। पीड़ित के लिए लड़ाई लड़ने वालों को ही जेल में भेजा जा रहा है
उन्होंने जिला प्रशासन से सत्येंद्र सत्या की तत्काल रिहाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है
वही सपा समर्थक गाज़ीपुर के दिग्गज सपा नेताओं पर रोष प्रकट करते हुए कहे की गाजीपुर के बड़े सपा नेताओं की निरंकुशता और निष्क्रियता की वजह से सत्या को रात में गिरफ्तार किया गया। समर्थको का कहना कि अगर बड़े नेता समय पर सक्रिय होते तो सत्या की गिरफ्तारी रोकी जा सकती थी। कार्यकर्ताओं व समर्थको ने कहा कि जब पार्टी का प्रतिनिधि मंडल लोकतांत्रिक तरीके से जांच को गया था तो उसके सदस्य को रात में उठाकर जेल भेजना तानाशाही था
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










