दार्जिलिंग चुनाव 2026 में बीजेपी बनाम ममता बनर्जी का बड़ा राजनीतिक युद्ध

दार्जिलिंग चुनाव 2026 में बीजेपी बनाम ममता बनर्जी का बड़ा राजनीतिक युद्ध

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हिमालय की तलहटी में बसा दार्जिलिंग खूबसूरती की वजह से जाना जाता है लेकिन इस सीट की राजनीति में एक अलग पहचान है वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में होने वाले हैं इसलिए इस जिले की चुनावी लहर को भी समझते हैं। दार्जिलिंग जिले में तीन पहाड़ी सीटें दार्जिलिंग कर्सियांग और कलिम्पोंग और तीन मैदानी सीटें सिलीगुड़ी फांसिदेवा और माटीगाड़ानक्सलबाड़ी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल में ऐसा स्थान नहीं है जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2011 से तीन बार मुख्यमंत्री पद पर अपनी जगह बनाई है

2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन से लड़ने वाले उम्मदवारों ने जीत हासिल की बीजेपी के समर्थन से गोरखा पार्टी ने तीन पहाड़ी और तीन मैदानी सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी का दबदबा इन सीटों पर साफ दिखाई देता है न सिर्फ विधानसभा चुनाव में बल्कि संसदीय चुनाव में भी। 2014 से BJP उम्मीदवारों ने दार्जिलिंग सीट लगातार जीती है

बीजेपी ने गोरखा पार्टियों को लंबे समय से भरोसा दिलाया है। उनकी वर्तमान सरकार पर भरोसा नहीं है। गोरखा समुदाय एक स्वतंत्र राज्य की मांग करता है। और अपनी मांग को पूरा करने के लिए केंद्रीय सरकार की सत्ताधारी पार्टी पर निर्भर है। गोरखा पार्टियां (GJM GNLF) यहां हैं। साथ ही ममता दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्र में अनित थापा की BGPM को सपोर्ट कर रही हैं। गोरखा समुदाय इस बार चुनाव में प्रतिस्पर्धी है। BGPM ममता GJM बीजेपी और IGJF एक नई पार्टी के उम्मीदवार हैं

भाजपा ही पिछले कुछ सालों में पहाड़ों में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बन गई है। TMC और अन्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले पार्टी ने पहाड़ों और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग समूहों और उप समूहों में अपना नेटवर्क सफलतापूर्वक बनाने और उसका विस्तार करने में RSS की कड़ी मेहनत के भरोसे अपनी स्थिति मजबूत कर ली है

भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने गोरखा जमीन मुद्दे का स्थायी राजनीतिक हल करने का वादा किया है

Neha Mishra
Author: Neha Mishra

नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।

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