सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद ECI का नया EVM सत्यापन नियम सामने आया

सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद ECI का नया EVM सत्यापन नियम सामने आया

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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) प्रणालियों की बर्न मेमोरी (माइक्रोकंट्रोलर) की पुष्टि के लिए हाल ही में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत निर्वाचन आयोग के 2024 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह कदम उठाया गया है

इस आदेश के अनुसार दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवारों के लिखित अनुरोध पर EVM और VVPAT माइक्रोकंट्रोलरों का सत्यापन विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 5% तक किया जा सकता है

इस प्रक्रिया में हर मशीन पर 1400 वोट तक का मॉक पोल होगा। यदि परिणाम VVPAT पर्चियों से मेल खाते हैं तो मशीन सत्यापित है और बर्न मेमोरी से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। लेकिन अभी कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं है जो किसी तरह की विसंगति को हल करेगी

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) दो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों हैं जो यह तकनीकी SOP इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बना रहे हैं

बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जांच करने का आदेश दिया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता नसीम खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय लिया है। रिपोर्टों के अनुसार यह पहली बार है कि चुनावों के बाद EVM चेक किया गया है

Neha Mishra
Author: Neha Mishra

नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।

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