न्यू दिल्ली वर्ष 1999 में हुए भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती देने वाली अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चाॅपर घोटाले के आरोपित क्रिश्चियन मिशेल की याचिका बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी
न्यायमूर्ति नवीण चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने कहा कि मिशेल कि रिहाई कि अर्जी को खारिज करने के ट्रायल कोर्ट में आदेश में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्होंने अधिकतम सात साल की सजा काट ली है। कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है और इसे खारिज किया जाता है
मिशेल ने कहा कि उन्हें सिर्फ आईपीसी की धारा 120बी, 415 और 420 के तहत आरोप लगाया गया था, जो अधिकतम 7 साल की सजा देते हैं, लेकिन उन्हें मनी लांड्रिंग एक्ट भी लगाया जा रहा है
हालाँकि कोर्ट ने कहा कि भारत सरकार प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 के तहत उन अपराधों के लिए भी मुकदमा चला सकती है जो संबंधित हैं और जिनके लिए प्रत्यर्पण नहीं किया गया है
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










