पिछले तीन महीनों से राजधानी दिल्ली में एक नई सरलीकृत नीति लाने के नाम पर व्यावसायिक, औद्योगिक और आवासीय संपत्तियों के फ्रीहोल्ड मामलों को रोक दिया गया है
हालाँकि, न तो कोई नई नीति बनाई गई है और न ही पुरानी नीति के अनुसार कार्यवाही जारी है। इस असमंजस की स्थिति से न केवल संपत्तियों के हस्तांतरण, ऋण और निवेश संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि व्यापार और उद्योग की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं
फेडरेशन ऑफ ओखला इंडस्ट्रियल एसोसिएशंस के सचिव प्रवीण शर्मा के मुताबिक यह स्थित प्रशासनिक अनिश्चितता को दर्शाती है, जहां एक ओर नई नीति का कोई स्पष्ट स्वरूप सामने नहीं आया है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा नीति को भी प्रभावी रूप से स्थगित कर दिया गया है
इससे उद्यमियों और आम नागरिकों में असंतोष और चिंता बढ़ी है। ऐसे में फेडरेशन ऑफ ओखला इंडस्ट्रियल एसोसिएशंस ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि मौजूदा फ्रीहोल्ड नीति को तत्काल प्रभाव से पुनः लागू किया जाए जब तक कि नई सरलीकृत नीति नहीं आती
प्रवीण शर्मा ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री दिल्ली के उपराज्यपाल तथा डीडीए के उपाध्यक्ष से अपील की है कि इस मुद्दे पर शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान सुनिश्चित करें, ताकि संपत्ति मालिकों को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके और आर्थिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी रह सकें।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










