रविवार को Samajwadi Party (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेतृत्व वाली सरकार पर ‘एक देश, एक कारोबारी’ के एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार किसी न किसी बहाने से विभिन्न औद्योगिक घरानों को खत्म करके सभी आर्थिक गतिविधियों को गिने-चुने लोगों के हाथों में देने के लिए आमादा है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा-एक देश, एक कारोबारी की ओर बढ़ता बीजेपी सरकार का गोपनीय एजेंडा।
एक का धंधा, एक से चंदा, भाजपाई लोग इसी सिद्धांत के तहत देश के हर कारोबार को कुछ लोगों के हाथों में ही समेट देना चाहते हैं,” उन्होंने एक लंबी पोस्ट में कहा। जिससे दान देने के लिए कई जगह नहीं जाना पड़े। उन्हें पता है कि सरकार और भाजपा संगठन में हामी भरने वाले चाबी के खिलौनों को स्थापित करके अपने धन की बाकी कमी को पूरा करना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा, “किसी भी देश के लिए, किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की भावना घातक साबित होती है फिर वह चाहे राजनीतिक क्षेत्र हो, आर्थिक या सामाजिक वर्चस्व का क्षेत्र हो।” जिस तरह से बीजेपी सरकार अन्य औद्योगिक घरानों को खत्म करके पूरी आर्थिक व्यवस्था को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है, यह बहुत गंभीर और खतरनाक हालात पैदा करेगा, जो महंगाई और अनियंत्रित मुनाफाखोरी को जन्म देगा और अंततः महा-भ्रष्टाचार को जन्म देगा।
“इन्हीं एकाधिकारवादी कंपनियों के फायदे के लिए हर नियम-कानून बदला जाएगा, उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली की जाएगी,” अखिलेश यादव ने कहा। “कम धन-अधिक श्रम” के दमनकारी सिद्धांत के तहत कर्मचारियों का शोषण किया जाएगा। न किसानों और न पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के लोगों की बात सुनाई जाएगी, जिसका अर्थ है कि 95 प्रतिशत जनसंख्या घोर शोषण का शिकार हो जाएगी। उनका कहना था, “आज देश को एकजुट होकर भाजपाइयों से कहना पड़ेगा: एकाधिकार, नहीं स्वीकार।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










