सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का प्रयास, केजरीवाल ने न्यायपालिका की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का प्रयास, केजरीवाल ने न्यायपालिका की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

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सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर हुए हमले का मामला लगातार सुर्खियों में है और देशभर में लोगों ने इसकी कड़ी निंदा की है। इसी मामले पर आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस डीवाई गवई ने जूता फेंकने वाले वकील पर कोई कार्रवाई न करने का फैसला किया, जो वास्तव में उनकी महानता को दर्शाता है।

केजरीवाल ने कहा कि यह घटना पूरे न्यायालय को एक भयावह संदेश देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चीफ जस्टिस पर हमला करने वाला बच सकता है, तो क्या अन्य जज सुरक्षित रह पाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि गवई का मजाक उड़ाना और उन्हें धमकाना एक पूर्व नियोजित कोशिश प्रतीत होती है, जो कोर्ट को डराने और अपने अधीन करने की दिशा में है। उन्होंने कहा कि अदालत को ऐसे गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अधिकार दोनों कमजोर होंगे।

केजरीवाल ने आगे कहा कि चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने वाले, धमकाने वाले और उनका मजाक उड़ाने वालों को सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी कोर्ट या जज के साथ ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने केजरीवाल की पोस्ट का समर्थन करते हुए इस मामले में कार्रवाई की मांग की। मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि अगर आज जूता फेंकने वाले और सोशल मीडिया पर धमकाने वाले बच गए, तो कल कोई भी जज सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर और उदाहरण बनने वाली सजा जरूरी है, नहीं तो न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी।

दरअसल, कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील राकेश किशोर ने चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का प्रयास किया। हालांकि, कोर्ट में मौजूद पुलिस ने उसे रोक लिया। वकील “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेंगे” के नारे लगा रहा था। इसके बावजूद चीफ जस्टिस गवई ने पूरे मामले को नजरअंदाज करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की और जूता फेंकने वाले वकील को माफ कर दिया, साथ ही उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का निर्णय लिया।

Neha Mishra
Author: Neha Mishra

नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।

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