कांग्रेस नेता राहुल गांधी वीवीआईपी सुरक्षा कैटेगरी Z+ with ASL में आते हैं। बावजूद इसके उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सीआरपीएफ के डीजी सिक्योरिटी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी खुद अपनी सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे और प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं।
CRPF की नाराज़गी
सीआरपीएफ के वीवीआईपी सिक्योरिटी प्रमुख सुनील जून ने 10 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने राहुल गांधी के रवैये की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना सूचना दिए विदेश यात्राओं पर जाते हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी करते हैं।

नियमों के मुताबिक, Z प्लस ASL सुरक्षा वाले वीवीआईपी को विदेश यात्रा से 15 दिन पहले सिक्योरिटी एजेंसी को जानकारी देनी होती है। लेकिन राहुल गांधी ने इस नियम का पालन नहीं किया। सीआरपीएफ के अनुसार पिछले 9 महीनों में उन्होंने 6 बार विदेश यात्राएं कीं और हर बार सुरक्षा एजेंसी को जानकारी नहीं दी।
विवादित विदेश यात्राएं
राहुल गांधी की जिन यात्राओं को सुरक्षा उल्लंघन माना गया उनमें शामिल हैं— 30 दिसंबर से 9 जनवरी तक इटली, 12 से 17 मार्च तक वियतनाम, 17 से 23 अप्रैल तक दुबई, 11 से 18 जून तक कतर का दोहा, 25 जून से 6 जुलाई तक लंदन और 4 से 8 सितंबर तक मलेशिया का दौरा।
सुरक्षा एजेंसी की अपील
सीआरपीएफ ने साफ कहा है कि राहुल गांधी देश के चुनिंदा और संवेदनशील वीवीआईपी में से हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना ही होगा। सुरक्षा एजेंसी ने खरगे और राहुल गांधी से अपील की है कि आगे से हर विदेश यात्रा की समय पर सूचना दी जाए ताकि सुरक्षा इंतज़ामों में कोई कमी न रहे।
Author: Neha Mishra
नेहा मिश्रा बीते कुछ वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता और न्यू मीडिया के क्षेत्र में हासिल की है। नेहा मिश्रा ने भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है।










